Thursday, December 16, 2010

छुने दो मुझको ... सपने यह सारे..


यह उड़ते परिंदे ...
यह ऊँची मीनारे ...
वो फूलो की खुशबू...
वो झिलमिल सितारे...
छुने दो मुझको ...
सपने यह सारे..

राहों की मुश्किल ...
न खतरों से हारे...
जिंदगी जी ली ...
वादों के सहारे...
बस अब छुने दो मुझको
सपने यह सारे...

रोशन हो फिजायें ...
खुशियाँ हो द्वारे ..
मंजिले चूमेंगी..
अब कदम हमारे...
बस अब छुने दो मुझको
सपने यह सारे...

देखो यह पर मेरे ...
कैसे फड फडअरे ...
पाने दो मुझको
ये सूरज ये तारे...
बस अब छुने दो मुझको
सपने यह सारे...

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